केदारनाथ - धरती का स्वर्ग


 केदारनाथ - धरती का स्वर्ग 

जय श्री कृष्णा , हर हर महादेव दोस्तो, स्वागत है एक बार फिर से आपका हमारे अपने चैनल पर। आज हम बात करेंगे हिंदुओ के पवित्र तीर्थ और चार धामों में से एक केदारनाथ यात्रा का।


इस वीडियो में हम केदार धाम यात्रा से जुड़े सभी तथ्यों पर बात करेंगे l जैसे की केदार धाम यात्रा कैसे करनी है, कब ये यात्रा होती है, सबसे अच्छा समय कोनसा रहता है। केदारनाथ के लिए किस रास्ते जा सकते है, खाने - पीने और रहने - ठहरने की क्या व्यस्था है। ट्रेक कैसे करना है। 

तो दोस्तों शुरू करते है और सबसे पहले बात करेंगे बैग पैकिंग और लगेज कितना लेना है। तो सबसे पहले केदारनाथ मंदिर ऊंचाई पर स्थित है और यहा ठंड भी अच्छे लेवल की होती है इसलिए सबसे पहले ठंड के हिसाब से ऊनी कपड़े जरूर रख ले और ध्यान रखे की कपड़े ज्यादा नहीं ले जितनी जरूरत है उतने ही ले क्योंकि पहाड़ी इलाके में भारी सामान के साथ ट्रैवल करना थोड़ा मुश्किल है। 

अब मै अपनी यात्रा शुरू करता हु और मेरी यात्रा शुरू होती है हरिद्वार से, हरिद्वार तक आप अपने शहर से किसी भी माध्यम से आ सकते हो। इतना जरूर ध्यान रखे हरिद्वार आप सुबह जल्दी पहुंच जाए क्योंकि हरिद्वार से हमे पहुंचना होता है सोनप्रयाग जिसके लिए हरिद्वार से सुबह 7 बजे से 10 बजे तक बसे चलती है। तो दोस्तों हरिद्वार मैं पहुंचा सुबह 5 बजे और वहा से लोकल बस मिली जिससे मैं निकल गया गुप्तकाशी के लिए क्योंकि मेरी होटल थी गुप्तकाशी में। बस का किराया पर हेड 350 रुपए लिए जाते है गुप्तकाशी का। बीच में बस देवप्रयाग के पास खाने के लिए रुकती है आधा घंटा। वहा पर थाली 150 रुपए खाने का चार्ज लिया जाता है। वहा से दोपहर को 3 बजे गुप्तकाशी पहुंचे । ये समय ट्रैफिक के कारण कम ज्यादा भी हो सकता है। गुप्तकाशी पहुंच होटल में रुके। रुकने के लिए सोनप्रयाग, सीतापुर की तुलना में गुप्तकाशी के आसपास रुकना ज्यादा अच्छा रहता है। होटल का चार्ज 3 हजार से 8 हजार रुपए तक रूम का होता है। जिसमे आपको डिनर और ब्रेकफास्ट इंक्लूड रहता है। रात होटल में रुककर सुबह 4 बजे टैक्सी लेकर हम निकल गए गौरीकुंड के लिए। टैक्सी का 3000 रुपए लिए। यदि आप हेलीकॉप्टर लेना चाहते है तो पहले से ही बुक करले क्योंकि इमरजेंसी में हेली सर्विस नही मिलेगी और अगर मिला तो भी एक्स्ट्रा चार्ज बहुत ज्यादा लगेगा। हेलीकॉप्टर का किराया गुप्तकाशी के दो हेलीपेड से 7700 रुपए और फांटा, सिरसा के हेलीपेड से 4600 रुपए किराया लगता है। अगर आप हेली सर्विस लेना चाहते है तो आपका वजन 80 किलो से कम होना चाहिए नही तो किलो के हिसाब से 150 रुपए एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा। चलो अब जर्नी जारी करते है सुबह 5 बजे हम सोनप्रयाग पहुंचे। सोनप्रयाग से आगे गौरीकुंड तक केवल लोकल टैक्सीज चलती है जो की 50 रुपए पर पर्सन चलती है। हम 1 किलोमीटर लाइन लगकर टैक्सी तक पहुंचे और वहा से 6 किलोमीटर गौरीकुंड पहुंचे। अब हमने वहा से पैदल ट्रेक स्टार्ट किया। अगर आप चाहे तो घोड़ा, पीटू और पालकी भी ले सकते है। जिसमे घोड़े का एक साइड किराया सरकारी 2700 रुपए है लेकिन 5000 से कम में आपको घोड़ा नही मिलेगा। पीटू भी 5000 और पालकी 10 से 12 हजार तक ले सकते है। चलो गौरीकुंड में ट्रेक के जस्ट पास गर्म पानी का प्राकृतिक कुंड भी है जिसमे आप स्नान कर सकते है। लेकिन स्नान हम होटल से करके निकले थे इसलिए सीधा ट्रेक स्टार्ट किया। ट्रेक के शुरुआत में बहुत ज्यादा गंदगी है घोड़ों के कारण। हमने 8 बजे ट्रेक स्टार्ट किया और वहा से पहला ब्रेक जंगलचट्टी में लिया। वहा हल्का नाश्ता किया। ये ट्रेक जो की सरकार 16 किलोमीटर बताती है वो रियल में 20 किलोमीटर है लेकिन पूरे रास्ते बहुत सारी दुकानें है जिसमे आपको नाश्ता, चाय और सब कुछ मिलता है। जो की थोड़ी नीचे की तुलना में रेट ज्यादा है। जंगलचट्टी से हम निकले और भीमबली में निंबुपानी पीने के लिए दूसरा ब्रेक लिया। भीमबली तक चढ़ाई ज्यादा मुश्किल नही थी लेकिन इससे आगे पैरों की हालत टाइट होनी वाजिब थी। भीमबली के जस्ट पास ही रामबाड़ा है जो की 2013 की तबाही में पूरा नष्ट हो गया था। वहा से आगे निकलने के बाद 2 से 3 जगह छोटे छोटे ब्रेक पानी, चाय और निंबुपानी के लिए लिए। 5 घंटे की बहुत टाइट चढ़ाई के बाद हम 1 बजे बेस कैंप पहुंचे और वहा पर एक तीन लोगों का टेंट लिया जिसका चार्ज 1500 रुपए लिया गया। खाना हम साथ लेकर गए थे इसलिए खाना नही लिया। वहा पर 4 घंटे आराम करके हम मंदिर के दर्शन के लिए के लिए निकले। और दर्शन के लिए काफी लंबी लाइन थी। दर्शन और फोटोग्राफी के बाद नाईट स्टे करके सुबह और अच्छे से दर्शन करके पुनः ट्रेक किया और 3 घंटे की ट्रेकिंग के बाद पुनः नीचे पहुंचे। 

तो दोस्तो ये थी मेरी जुबानी केदारनाथ की यात्रा 

दोस्तों केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने का मार्ग भयंकर कठिन है लेकिन इस मार्ग में प्राकृतिक छटाएं बहुत ही शानदार है जिससे आपको ये यात्रा करने में ज्यादा दिक्कत का सामना नही करना पड़ेगा। इस मार्ग में बहुत ही शानदार पर्वत, झरने, एक तरफ नदी, बर्फ के ग्लेशियर और बहुत से मनोरम दर्श्य देखने को मिलते है। जितना शानदार प्राकृतिक दर्श्य है उतना ही कठिन मार्ग है इसलिए ध्यान पूर्वक चले क्योंकि एक तरफ पर्वत तो दूसरी तरफ गहरी खाई है। 

मंदिर प्रांगण बहुत ही सुंदर है, मंदिर के पीछे की तरफ भीमशिला है जिसने भयंकर प्रलय से मंदिर को बचाया था।  

अब आते है दोस्तों की पूरी यात्रा में खर्चा आता है। तो आपका ट्रिप कम से कम 3 दिन और 4 रात का रहेगा जिसमे पूरा खर्चा 8 से 12 हजार रुपए तक आता है। जो की आप अपने खर्चे मैनेज करने के तरीके पर निर्भर करता है। 

तो दोस्तों आज के वीडियो में इतना ही मिलते किसी नए वीडियो नई यात्रा के साथ किसी नई डेस्टिनेशन पर।

 

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